(hi) गुरु सियाग योग

गुरुदेव के फोटो से ध्यान कैसे लगता है:

गुरु सियाग अद्वितीय हैं क्यों कि उन्हें ईश्वर का साक्षात्कार सगुण (मूर्ति रूप) एवं निर्गुण (निराकार) दोनों में हुआ है। गुरु सियाग एक शरीर न होकर एक ऐसी दिव्य चेतनता हैं जो सर्वव्यापी है। कोई भी गुरु सियाग को मन से प्रार्थना करके उनके फोटो का ध्यान करता है तो उसको वही दिव्य अनुभव होते हैं जो गुरुदेव के सशरीर होते हुए होते । श्री अरविन्द ने कहा है कि यदि एक योगी एक ही जन्म में सगुण और निर्गुण दोनों सिद्धियाँ प्राप्त कर ले तो वह पूरी मानवता को संकट से मुक्ति दिला सकता है | यदि एक व्यक्ति में यह परिवर्तन संभव है तो पूरी मानवता में भी परिवर्तन संभव है ।

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